एआई के बिना भी बायोवैपन्स डेवलपमेंट के बारे में चिंता करने के कई कारण हैं
wired ·
लेखक एनी जैकोबसन ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी नई पुस्तक 'बायोलॉजिकल वार: अ सेंरियो' पर चर्चा की, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को प्राथमिक कारक के रूप में उपयोग किए बिना जैविक हथियारों के गंभीर जोखिमों का विश्लेषण किया गया है। उनका तर्क है कि आनुवंशिक इंजीनियरिंग और फंक्शन-ऑफ-फंक्शन शोध पहले से ही विलुप्ति-स्तर के रोगाणुओं को बनाने के पर्याप्त माध्यम प्रदान करते हैं, जिससे AI से जुड़ी चिंताएं मौजूदा खतरों के मुकाबले द्वितीयक हो जाती हैं। जैकोबसन ने रेखांकित किया कि दुनिया भर में ऐसे सुसज्जित प्रयोगशालाओं के व्यापक होने के कारण, जानबूझकर किए गए हमलों की तुलना में उच्च सुरक्षा वाले प्रयोगशालाओं से होने वाली संयोगवश रिसाव की सांख्यिकीय угроза अधिक है। इस बातचीत में सरकार की आपातकालीन योजनाओं, विशेष रूप से 'डिवोल्यूशन' प्रोटोकॉल के बारे में चिंताजनक विवरण सामने आए, जिनके तहत भयानक महामारी के दौरान अधिकारी बंकरों में पीछे हट जाते हैं। जैकोबसन द्वारा साक्षात्कार लिए गए विशेषज्ञों ने कुछ वैज्ञानिकों के अहंकार के प्रति आशंका व्यक्त की, जो सार्वजनिक सुरक्षा विचारों की तुलना में शोध प्रकाशित करने को प्राथमिकता देते हैं। इसके अलावा, सोवियत-युग के जैविक हथियार कार्यक्रमों का ऐतिहासिक संदर्भ इन खतरों की निरंतर और विकसित होती प्रकृति को रेखांकित करता है। अंततः, जैकोबसन का उद्देश्य जनता का ध्यान कल्पित AI डर से हटाकर दोहरा उपयोग वाली बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े ठोस और तत्काल जोखिमों की ओर ले जाना है।
wired