ट्रंप का AI सुरक्षा 'करार' सिर्फ एक शानदार वादा है
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गूगल, ओपनएआई और मेटा सहित छह प्रमुख एआई कंपनियों ने व्हाइट हाउस के साथ एक स्वैच्छिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें सुपरइंटेलिजेंस मॉडल्स के लिए सुरक्षा उपायों को लागू करने का वादा किया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पहल को महत्वपूर्ण आत्म-विनियमन बताया, लेकिन आलोचकों का तर्क है कि इसमें बाध्यकारी कानून या व्यापक निगरानी की शक्ति नहीं है। इस समझौते में कंपनियों से आंतरिक नियंत्रण स्थापित करने, सुरक्षा टीमों को सशक्त बनाने, बाहरी निगरानीकर्ताओं को शामिल करने और रिपोर्टिंग के लिए बोर्ड-स्तरीय समितियां बनाने का निर्देश दिया गया है। इन प्रतिबद्धताओं के बावजूद, फेडरल ट्रेड कमिशन (FTC) इन ही कंपनियों के खिलाव उपभोक्ता संरक्षण उल्लंघनों की जांच कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि ऐसे वादों का उल्लंघन धोखाधड़ी माना जा सकता है, पिछले FTC समझौतों में अक्सर झूठ न बोलने के बस वादे ही हुए हैं, न कि कोई substantive संचालनात्मक बदलाव। लेख इस बात पर संदेह व्यक्त करता है कि क्या यह स्वैच्छिक ढांचा एआई विकास या कार्रवाई पर मायने रखने वाले प्रतिबंधों की ओर ले जाएगा। इसके अलावा, राजनीतिक चिंताएं भी उठाई गई हैं कि क्या वर्तमान प्रशासन उद्योग के मित्रों के खिलाफ कड़े कानूनी परिणामों की अनुमति देगा। अंततः, यह समझौता विनियामक होने के मुकाबले अधिक प्रतीकात्मक लगता है और यह कठोर सरकारी हस्तक्षेप की जरूरत को पूरा नहीं करता है।
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